Budget 2026 और Direct Tax में आए बदलाव: जानिए आपके लिए क्या नया है
भारत का Union Budget 2026 देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। इस बार के बजट में Direct Tax यानी आयकर (Income Tax) को लेकर कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं जो आम नागरिक, व्यापारी और निवेशक – सभी पर असर डालेंगे। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि सरकार ने इस बार राहत की उम्मीद में बैठे टैक्सपेयर्स को मिश्रित संकेत दिए हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
नया कानून, पुरानी दरें — Budget 2026 का सबसे बड़ा सरप्राइज
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि नया Income Tax Act 2025,
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका मतलब है कि 1961 से लागू पुराना टैक्स कानून अब इतिहास बनने वाला है।
फिर भी, आयकर की स्लैब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है — यानी आपकी मौजूदा टैक्स दरें पहले जैसी ही रहेंगी। इससे आम वेतनभोगी वर्ग को निराशा हुई, लेकिन नए कानून के आने से आगे चलकर कम्प्लायंस (Compliance) आसान हो सकता है।
Income Tax Slabs: बदलाव की उम्मीद, पर राहत नहीं
सरकार ने इस बार भी न्यू टैक्स रेजीम को ही प्राथमिकता दी है।
नई दरें इस प्रकार हैं:
₹0 से ₹4 लाख: टैक्स मुक्त
₹4 से ₹8 लाख: 5%
₹8 से ₹12 लाख: 10%
₹12 से ₹16 लाख: 15%
₹16 से ₹20 लाख: 20%
₹20 से ₹24 लाख: 25%
₹24 लाख से अधिक: 30%
एक्सपर्ट ओपिनियन:
दिल्ली के टैक्स एडवोकेट अनिल गर्ग के अनुसार, “सरकार ने टैक्स दरें स्थिर रखकर नीति में भरोसे का संदेश दिया है, लेकिन स्लैब न बढ़ाने से महंगाई झेल रहे मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली।”
ITR Filing और Compliance में राहत
अगर आप टैक्स रिटर्न दाखिल करने में गलती करते हैं, तो अब आपके पास 31 मार्च तक Revised ITR दाखिल करने का अवसर रहेगा। पहले यह सीमा 31 दिसंबर थी।
साथ ही, छोटे टैक्सपेयर्स के लिए Nil Deduction Certificate की व्यवस्था लाई गई है। इसका अर्थ है कि कम आय वाले व्यक्तियों को अब TDS में छूट मिल सकती है, जिससे नकदी प्रवाह पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
TDS, TCS और STT में अहम संशोधन
Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा या चिकित्सा के लिए भेजी जाने वाली रकम पर TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
Futures और Options ट्रेडिंग पर STT दरें बढ़ाई गई हैं, जिससे मार्केट में थोड़ी अस्थिरता देखी जा सकती है।
Buyback Tax अब Capital Gains के तहत आएगा, जिससे निवेशकों को टैक्स कैलकुलेशन में पारदर्शिता मिलेगी।
Corporate Tax में रणनीतिक सुधार
कंपनियों के लिए Minimum Alternate Tax (MAT) की दर को कुछ मामलों में घटाया गया है। यह कदम निवेश बढ़ाने और स्टार्टअप सेक्टर को राहत देने की दिशा में माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य कॉर्पोरेट टैक्स से राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार सुगमता को मजबूत करना है।
NRIs और विदेशी निवेशकों के लिए राहत
NRI निवेशकों के लिए इंडिविजुअल इन्वेस्टमेंट लिमिट दोगुनी कर दी गई है। यह कदम भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ावा देगा।
टैक्स कंसल्टेंट प्रियंका शर्मा का कहना है, “Budget 2026 ने भारतीय टैक्स स्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के करीब लाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।”
Budget 2026 और Direct Tax के अन्य प्रमुख बिंदु
Penalty और Prosecution नियमों को सरल किया गया है।
Foreign Asset Disclosure के लिए छह महीने की राहत स्कीम लाई गई है।
Manpower Supply जैसी सेवाओं पर TDS की नई दरें प्रस्तावित हैं।
निष्कर्ष: राहत अभी नहीं, पर सुधार की दिशा तय
Budget 2026 ने टैक्स स्लैब में राहत न देकर भले कुछ निराशा पैदा की हो, लेकिन नए Income Tax Act 2025 के जरिए आने वाले वर्षों में टैक्स सिस्टम और पारदर्शी तथा डिजिटल होने जा रहा है।
अगला कदम:
यदि आप वेतनभोगी हैं, तो नए टैक्स रेजीम की तुलना पुराने से जरूर करें और अपने निवेश निर्णयों को उसी अनुसार पुनर्गठित करें।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। टैक्स संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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