जर्मन न्यू मेडिसिन क्या है
एक अलग नजरिया बीमारी और मन-शरीर के रिश्ते पर
आज के स्वास्थ्य जगत में बीमारी को समझने के लिए कई नजरिये सामने आए हैं, जिनमें से एक विवादित लेकिन चर्चित दृष्टिकोण German New Medicine (GNM) का भी है. यह तरीका पारंपरिक चिकित्सा से बिलकुल अलग है और इसे समझना आवश्यक है ताकि हम मन-शरीर के गहरे संबंध को बेहतर तरीके से समझ सकें.
German New Medicine की परिभाषा और मूल विचार
German New Medicine (GNM) एक वैकल्पिक चिकित्सा मॉडल है जिसे जर्मनी के चिकित्सक Dr Ryke Geerd Hamer ने 1980 के दशक में विकसित किया. इस प्रणाली का मानना है कि सभी गंभीर रोगों की जड़ भावनात्मक शॉक या गहन तनावपूर्ण अनुभवों में होती है. GNM के अनुसार बीमारी शरीर की पहचानी गई प्रतिक्रिया है, न कि केवल कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि जैसा कि पारंपरिक चिकित्सा कहती है.
Hamer के विचार के अनुसार:
• हर रोग एक अचानक भावनात्मक संघर्ष (conflict shock) से शुरू होता है
• यही संघर्ष मस्तिष्क, मन और शरीर में विशिष्ट जैविक बदलाव शुरू करता है
• बीमारी का स्थान और प्रकृति उस संघर्ष की प्रकृति से जुड़ी होती है
इस दृष्टिकोण में बीमारी को अर्थपूर्ण जैविक विशेष कार्यक्रम (Significant Biological Special Programmes) कहा जाता है.
बीमारी कैसे होती है
GNM के अनुसार रोग की शुरुआत
German New Medicine के सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक रोग की शुरुआत एक डायरेक्ट, अप्रत्याशित और अकेलापन पैदा करने वाला संघर्ष (Dirk Hamer Syndrome) से होती है. यही संघर्ष मस्तिष्क के उस हिस्से को प्रभावित करता है जो शरीर के किसी विशिष्ट हिस्से का नियंत्रण करता है. परिणामस्वरूप शरीर उस संघर्ष से निपटने के लिए एक जैविक कार्यक्रम शुरू करता है.
उदाहरण के लिए:
• यदि किसी व्यक्ति को अचानक नौकरी छूटने या रिश्ते टूटने जैसा भारी तनाव मिला,
तो GNM के अनुसार यह तनाव उसके शरीर में एक ‘जैविक प्रतिक्रिया’ शृंखला शुरू कर सकता है.
• यह प्रतिक्रिया तनाव से निपटने के लिए शरीर में कुछ बदलाव ला सकती है,
जो आगे चलकर बीमारी के रूप में प्रकट हो सकती है.
GNM के अनुसार रोगों के कारण
मन, तनाव और स्वास्थ्य का गहरा सम्बन्ध
GNM यह मानता है कि बीमारी शरीर की संरक्षणात्मक या अनुकूलनात्मक प्रतिक्रिया है जो भावनात्मक संघर्ष का परिणाम होती है. पारंपरिक चिकित्सा जहाँ रोग को बाहरी एजेंट (जैसे वायरस, बैक्टीरिया) या कोशिकीय असामान्यताओं से जोड़ती है, वहीं GNM इसे मानसिक और भावनात्मक अनुभव के रूप में देखता है.
विशेष रूप से GNM यह कहता है कि:
• तनाव-पूर्ण घटनाएँ मन और दिमाग पर प्रभाव डालती हैं
• मानसिक संघर्ष मस्तिष्क में एक निशान (Hamer Focus) बनाता है
• वही निशान शरीर के उस हिस्से को प्रभावित करता है जिसके लिए वह मस्तिष्क नियंत्रण क्षेत्र जिम्मेदार है
इस दृष्टिकोण में बीमारी कोशिकाओं की गलती नहीं बल्कि शरीर की स्व-रक्षा की जैविक प्रतिक्रिया है.
विशेषज्ञ समीक्षा
बेहतर समझ के लिए विशेषज्ञ विचार
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि मन और शरीर के बीच गहरा सम्बन्ध है और भावनात्मक तनाव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, लेकिन GNM के कई सिद्धांत विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के मानकों के अनुरूप नहीं माने जाते. विश्व स्वास्थ्य संगठनों और कई चिकित्सा समूहों ने GNM को pseudo-science यानी अतिरंजित और अप्रमाणित माना है. इसका यह भी कहना है कि GNM की गलत व्याख्या से रोगियों को उचित चिकित्सा से वंचित होना पड़ सकता है.
निष्कर्ष
GNM एक वैकल्पिक दृष्टिकोण है जो बीमारी को भावनात्मक संघर्ष से जोड़कर देखता है. यह पारंपरिक चिकित्सा के मॉडल से अलग है, और इसके समर्थक मानते हैं कि शरीर की बीमारियाँ हमारी मनोवैज्ञानिक स्थितियों का परिणाम हैं. जबकि इसकी मान्यता और उपयोग सीमित और विवादित है, फिर भी यह मन-शरीर कनेक्शन को समझने का एक नया परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है.
अगर आप स्वास्थ्य और बीमारी के मनोवैज्ञानिक कारणों पर और शोध करना चाहते हैं, तो यह समझ आपको अपने जीवन के तनाव कारकों पर ध्यान देने में मदद कर सकती है.
हेडर बैकलिंक:
आप GNM के सिद्धांतों पर और गहन जानकारी यहां पढ़ सकते हैं.
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